आधार आधारित डायरेक्ट कैश ट्रांसफर योजना शुरु

केंद्र सरकार की डायरेक्ट कैश ट्रांसफर योजना 1 जनवरी से देश के 20 जिलों में शुरू हो गयी । पहले इस योजना को 51 जिलों में लागू करना था लेकिन गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव की वजह से वहां के 8 जिलों को हटा दिया गया । वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने बताया कि आधार प्लेटफार्म के माध्यम से डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर योजना पहले चरण में अब 43 जिलों में शुरू होगी जिसके अंतर्गत 34 योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुँचाया जाएगा । 31 दिसंबर 2012 को वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि योजना को पहले 1 जनवरी से देश के 20 जिलों में लागू किया जाएगा जिसमें 7 योजनाओं को शामिल किया जाएगा जिसके बाद 11 जिलों में 1 फरवरी और 12 जिलों में 1 मार्च से इस योजना को लागू किया जाएगा । यह भी अनुमान है कि मार्च के अंत तक कुल 26 योजनाओं को इन 43 जिलों में लागू कर दिया जाएगा । केवल जनवरी माह में लगभग 2 लाख लोगों  को इसका लाभ  पहुँचाने का अनुमान है । सरकार इस योजना को साल के अंत तक पूरे देश में लागू करना चाहती है ।

सरकार की यह स्कीम पिछले कुछ समय से एक चर्चा का विषय बनी हुई है । यूपीए प्रमुख सोनिया गाँधी ने इसे एक क्रांतिकारी कदम बताया तो वहीं राहुल गाँधी ने 2014 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इसे पार्टी के लिए एक उपयोगी प्रयास बताया ।  वित्त मंत्री ने  कहा कि ये वाकई जादुई है और उन्होंने तो इसे गेम चेंजर तक कह दिया ।

अब तक के आँकड़ो पर नज़र डालें तो यूआईडीएआई ने कुल 24 करोड़ आधार नंबर जारी किये हैं हालांकि बहुत लोगों ने आधार कार्ड ना प्राप्त  करने की भी शिकायत की है । सरकार की इस योजना को विपक्षी पार्टियों का भी विरोध सहना पड़ा है खासतौर पर बीजेपी ने इसे लोगों को गुमराह करने का सरकार का नया तरीका बताया है ।   कृषि मंत्री शरद पवार ने भी इसे लेकर अपनी असहमती जताई है । छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इसे अपने राज्य में न लागू करने की बात कही है जबकि दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत कई अन्य राज्यों ने इसे अमल में लाने में अपनी सहमती जताई है । अब  दिलचस्प बात यह होगी कि सरकार की यह पहल कितनी कारगर साबित साबित होती है ।

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