किसको करना पड़ेगा दोबारा आधार नामांकन ?

अगर आपने 1 अप्रैल 2012 से पहले आधार कार्ड के लिए नामांकन किया था और अभी तक आधार नंबर नहीं मिला है तो हो सकता है कि आपको एक बार फिर इस प्रक्रिया से गुजरना पड़े । पहले चरण में नामांकन कर चुके बहुत सारे लोगों का डाटा या तो खो गया है या फिर किसी तकनीकी कमी की वजह से इस्तेमाल के योग्य नहीं रहा है ।

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने सोमवार को दिल्ली सरकार को बताया कि वे आवेदक जिनका वेबसाइट पर स्टेटस यह दर्शा रहा है कि ‘can’t be processed due to technical reasons‘ अर्थात ‘तकनीकी कारणों की वजह से पूरा नहीं किया जा सकता’ उन लोगों को एक बार फिर नामांकन केंद्र के चक्कर काटने काटने पड़ सकते हैं । हालाँकि वे लोग जो राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को अपनी बॉयोमीट्रिक्स जानकारी दे चुके हैं उन्हें फिर से आधार के लिए नामांकन करने की जरुरत नहीं है ।

दिल्ली सरकार के आंकड़े बताते हैं कि 1.67 करोड़ की जनसंख्या में से 1.36 करोड़ लोग आधार के लिए नामांकन कर चुके हैं । दिल्ली सरकार ने 20 से अधिक सेवाओं के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर  दिया है जिनमें संपत्ति और शादी पंजीकरण भी शामिल हैं । अब सरकार का कहना है कि  1 अप्रैल, 2012 से  पहले कितने लोगों का आधार कार्ड नामांकन लिया था इस पर कोई पहले से डेटा उपलब्ध नहीं है ।

किसको करना पड़ेगा दोबारा आधार नामांकन ?

यूआईडीएआई ने स्पष्ट किया है कि आवेदकों को तीन शर्तों के तहत फिर आधार कार्ड के नामांकन करना होगा ।

1. अगर ई – आधार वेबसाइट  पर उनकी स्थिति ‘अस्वीकार’ (रिजेक्टेड) दर्शा रहा हो ।

2. अगर वह  स्थिति ‘नहीं पाया गया’ (नॉट फाउंड) दर्शा रहा हो ।

3. अगर नामांकन 1 अप्रैल, 2012 से किया गया हो और स्थिति ‘तकनीकी कारणों की वजह से पूरा नहीं किया जा सकता ‘can’t be processed due to technical reasons‘ दर्शा रहा हो ।

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